प्रतिदिन दो-तीन लोगों पर बंदरों के हमले हो रहे हैं, जिससे लोगों में डर और भय फैला हुआ है। इस स्थिति में महिलाएं और बच्चे घर में बंद होने मजबूर हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए जाल भी बिछाया गया है, लेकिन अब तक इन प्रयासों से कोई सफलता नहीं मिली है।
इन दिनों जगतबल्लबपुर में दिन-रात एक भयानक सन्नाटा छाया हुआ है। लोग अपने घरों में बंद होकर रहने मजबूर हैं, बस यही सोचते हुए कि बंदरों का हमला कब उन पर पड़ सकता है। ये घटनाएं इंसानी डर के कारण नहीं, बल्कि बंदरों के आक्रमण के कारण फैल गई हैं। अब तक करीब दर्जन लोगों को इन हमलों में चोट पहुंची है। यह घटना हावड़ा के जगतबल्लबपुर के शंकरहाटी नंबर एक, बल्लोबत्ती इलाके की है।
प्रतिदिन दो-तीन लोगों पर बंदरों के हमले हो रहे हैं, जिससे लोगों में डर और भय फैला हुआ है। इस स्थिति में महिलाएं और बच्चे घर में बंद होने मजबूर हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए जाल भी बिछाया गया है, लेकिन अब तक इन प्रयासों से कोई सफलता नहीं मिली है। इस वजह से क्षेत्र की महिलाएं और बच्चे दिन-प्रतिदिन प्रभावित हो रहे हैं।
कई लोगों पर बंदरों के आक्रमण के कारण इतनी भारी चोटें आई हैं कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। वन विभाग को इस घटना की सूचना मिलते ही वे इलाके में पहुंचे और बंदरों को पकड़ने के लिए और एक जाल बिछाया, लेकिन यह जाल सिर्फ पेड़-पत्तियों में फंस गया है और बंदरों के झूंड इस जाल में नहीं आ रहे हैं। वन विभाग भी इस स्थिति से परेशान है।